भारत: केजरीवाल ने 97 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी

अधिकारियों के अनुसार ये बसें पर्यावरण के लिहाज से काफी किफायती होंगी। अपने 10 साल के जीवनकाल के दौरान, प्रत्येक बस से पीएम2.5 और पीएम10 से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 0.33 मिलियन टन की कमी आने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक तकनीक वाली होंगी, जिनमें कोई शोर या प्रदूषण नहीं होगा और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एयर कंडीशनिंग और सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अतिरिक्त, इसमें व्हीलचेयर एक्सेसिबिलिटी, पैनिक बटन और रैंप सुविधाएं शामिल होंगी। साथ ही नई बसों में महिला सवारों के लिए विशेष गुलाबी सीटें होंगी।
इसके अलावा, ये बसें अग्नि सुरक्षा के लिए और यात्रियों को किसी भी आग की घटना से बचाने के लिए आग का पता लगाने और दमन प्रणाली से लैस होंगी। आपात स्थिति में लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध होगी। अधिकारियों के मुताबिक इन बसों पर सेंट्रल कमांड कंट्रोल रूम की भी नजर रहेगी।
पवन/एसकेपी
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