भारत: हिमाचल सरकार गांवों में श्मशान घाटों का कर रही नवीनीकरण
शिमला, 22 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार की मोक्षधाम योजना के तहत गांवों में श्मशान घाटों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे अंतिम संस्कार में कोई
शिमला, 22 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार की मोक्षधाम योजना के तहत गांवों में श्मशान घाटों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे अंतिम संस्कार में कोई परेशानी न आए। मौजूदा समय में, पंचायत राज संस्थाओं द्वारा 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 457 मोक्षधामों का नवीनीकरण किया जा रहा है।
पिछले पांच सालों में 16.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 477 श्मशान घाटों का नवीनीकरण किया गया।
राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में सबसे ज्यादा 131 श्मशान घाट बनाए गए हैं, इसके बाद चंबा में 127, मंडी में 82, कुल्लू में 49, ऊना में 27, शिमला में 20, हमीरपुर में 15, कांगड़ा में 131, कुल्लू में 49, ऊना में 27, सोलन में 10, बिलासपुर में 9 श्मशान घाट है।
कंवर ने कहा कि मौजूदा स्थानों के भीतर श्मशान शेड, बेंच और रास्ते जैसी अतिरिक्त सुविधाओं के निर्माण के साथ हर साल कम से कम 100 मोक्षधाम का नवीनीकरण किया जाएगा।
परियोजना की फंडिंग मनरेगा, राज्य योजना और क्षेत्र के उपायुक्त द्वारा आवंटित धन के माध्यम से किया जा रहा है।
आकार और मौजूदा सुविधाओं के आधार पर प्रत्येक मोक्षधाम की निर्माण लागत अलग-अलग है।
एक मोक्षधाम सिर्फ 1 लाख रुपये के खर्च के साथ बनाया जाता है, जबकि आबादी वाले गांवों में मोक्षधाम की लागत 10 लाख रुपये से अधिक है। एक श्मशान पर औसतन 5 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
पीके/एसकेपी
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