Rajasthan @ सड़क परिषद की 19वीं बैठक: राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कंपनियों की लापरवाही से हो रही हैं 67 प्रतिशत दुर्घटनाएं:खाचरियावास

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि टोल कंपनियों की लापरवाही से प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन्हें रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोल कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कंपनियों की लापरवाही से हो रही हैं 67 प्रतिशत दुर्घटनाएं:खाचरियावास

जयपुर।
परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि टोल कंपनियों की लापरवाही से प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन्हें रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोल कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएं। टोल संचालन पर देने की नियम व शर्तों में पूरे क्षेत्राधिकार में बैरिकेडिंग कराने, लाइट लगवाने और समय पर हाईवे की मरम्मत कराने को जोड़ा जायें। इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखा जाएगा। खाचरियावास राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की 19वीं बैठक में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। सचिवालय में आयोजित बैठक में खाचरियावास ने कहा कि जयपुर में सड़कें बहुत अच्छी है। हमें मिलकर ऎसी योजना बनानी है कि इन सड़कों पर वाहनों का दुर्घटना रहित सुगम संचालन हो सकें। यह एक व्यक्ति, एक विभाग की नहीं, बल्कि समस्त जनता की जिम्मेदारी हैं। जयपुर में कई बस स्टैंड ऎसे स्थानों पर बने हुए है, जहां पर घुमाव होने और यातायात का अधिक भार होने से सड़क दुर्घटनाएं होने की संभावना अधिक रहती है। इसके लिए परिवहन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और यातायात पुलिस को मिलकर एक सर्वे करायें। इस सर्वे में ‘‘कहां-कहां पर बस स्टैंड बने हुए हैं‘‘, ‘‘इनके अलावा कौन-कौनसी जगहों से बसें यात्रियों को बैठाती-उतारती है‘‘, ‘‘क्या बस स्टैंडों का निर्माण उपयुक्त स्थानों पर हुआ है‘‘, ‘‘सड़क दुर्घटना रोकने के लिए और क्या कदम उठाये जा सकते है‘‘, आदि की रिपोर्ट तैयार की जाएं।
मॉडर्न टेक्नोलॉजी विकसित करने का प्रयास
खाचरियावास ने यातायात पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहर के बस स्टैंडों, आटो स्टैंडों पर लेन सिस्टम की पालना सुनिश्चित की जायें, ताकि यात्री वाहनों की अनावश्यक भीड़ ना लगें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। राजस्थान सरकार द्वारा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी विकसित करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा परिषद सदस्यों को अन्य राज्यों और राजस्थान में सड़क सुरक्षा में किये जा रहे कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दियें। परिवहन राज्य मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि एक-एक व्यक्ति की जान अनमोल हैं। इसलिए अब हाईटेक टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सड़क दुर्घटना रोकने के लिए रिसर्च कराया जा रहा हैं। इस रिसर्च का सही समय पर इस्तेमाल होना चाहिए। 
 वाहन चालक स्वयं भी निभायें जिम्मेदारी
बैठक में स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तकनीक के साथ-साथ खुद भी जिम्मेदारी लेकर यातायात नियमों के अनुसार वाहन चलायें। परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने कहा कि इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस सिस्टम के जरिए सड़क दुर्घटनाओं की मौका स्थिति जानकर कारणों का पता लगाया जा रहा हैं। वाहन चालकों को भी नियमों की पालना करनी चाहिए, ताकि कीमती जीवन बचाया जा सकें। बैठक में सड़क सुरक्षा की दिशा में कार्य कर रही ब्रेथवेट कंपनी के प्रतिनिधियों पर भी पीपीटी प्रजेंटेशन देकर बेहतर प्रबंधन के बारे में अपनी राय रखी। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप वर्मा ने भी जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सुझाव दियें। बैठक में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा, एडीजी पुलिस स्मिता श्रीवास्तव, अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) हरीश कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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