गरीबी और बीमारी, परिवार दाने को मोहताज: सिरोही का आदिवासी परिवार, 7 सदस्यों के परिवार का मुखिया 1 साल से बिस्तर पर, हालात इलाज तो दूर खाने को दाने तक नहीं
सिरोही।
सिरोही जिले का एक आदिवासी परिवार गरीबी और बीमारी के बीच फंस गया। 7 सदस्यों के परिवार का मुखिया पिछले एक साल से ना तो चल पाता है और ना ही बैठ पाता है। हालात यह है कि एक साल से बिस्तर पर लेटे हुए परिवार के मुखिया को बचाने के साथ परिवार को पालने के लिए एक लाचार और बेबस महिला मजदूरी कर रही है। जब मजदूरी मिल गई तो ठीक नहीं तो तीन बेटियों औ दो बेटों सहित 7 लोगों के परिवार के लिए दाने तक मुश्किल हो जाते है।
हम बात कर रहे है सिरोही के पिंडवाड़ा तहसील के सरूपगंज के नजदीक पंच देवल ग्राम पंचायत के डामरों की फली निवासी मिठाराम गरासिया के परिवार की। मिठाराम स्वयं के इलाज के लिए लोगों से आर्थिक सहायता मांग रहा है। दो बार आॅपरेशन होने के बाद अब पालनपुर में इलाज के लिए मिठालाल को रुपए की आवश्यकता है, लेकिन उसके पास खाने तक के रुपए नहीं तो इलाज कराना तो दूर की बात है।
2015 में हुआ था हादसा, कमर से नीचे का शरीर नहीं कर रहा काम

मिठाराम गरासिया ने बताया कि 22 अगस्त 2015 को घर लौट रहा था। इस दौरान टैक्सी चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में वे गंभीर घायल हो गए। कुछ लोगों ने उन्हें पिंडवाड़ा अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद उदयपुर में उनका इलाज चला। 2019 में उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इस दौरान उदयपुर में उनका दो बार आॅपरेशन हुआ। लेकिन स्थिति ठीक होने के बजाए खराब हो गई। कमर के नीचे का शरीर काम नहीं काम करना बंद कर दिया। इससे वह बिस्तर पर आ गए। ना तो चल पाते है और ना ही बैठ पाते है।
पालनपुर में इलाज की संभावना
मिठाराम ने बताया कि उन्हें पालनपुर के एक निजी अस्पताल में दिखाया था, इस दौरान चिकित्सक ने करीबन सवा लाख रुपए इलाज का बताया था,लेकिन अब उसके पास इलाज के रुपए नहीं है। अगर कोई भामाशाह उसकी मदद कर दें तो उसका इलाज आसानी से हो सकता है।
5 में से 3 बच्चे छोड़ चुके पढ़ाई

मिठालाल ने बताया कि उसके 3 बेटियां और 2 बेटे है लेकिन घर के हालात खराब होने के कारण अब उनका लानन—पालन करने में परेशानी हो रही है। मजबूरी में दो बेटियों और 1 बेटे ने पढ़ाई छोड़ दी। 2 बच्चियां अभी सरकारी स्कूल में जाती है, लेकिन हालात सही नहीं हुए तो शायद उनकी भी पढ़ाई छुट जाएगी। वहीं दूसरी ओर रहने को एक घर है,लेकिन उस पर भी छत तक नहीं है।
Must Read: Chief Minister Ashok Gehlot कोरोना पॉजिटिव, सीएम की जनता से अपील सावधानी और वैक्सीनेशन आवश्यक
पढें लाइफ स्टाइल खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.
मनोरंजन